हरियाणा के रेवाड़ी में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शहर में जल भंडारण का स्तर घटकर केवल 30 प्रतिशत रह गया है, जिसके बाद प्रशासन ने रोटेशन के आधार पर पानी की सप्लाई शुरू करने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय पर पानी की आपूर्ति नहीं पहुंची तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू (JLN) नहर से पानी की आपूर्ति 2 जून तक पहुंचने की उम्मीद है। लेकिन यदि इसमें देरी होती है तो शहर में पेयजल संकट और बढ़ सकता है। फिलहाल जलापूर्ति विभाग सीमित संसाधनों के साथ शहर की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है।
अधिकारियों के अनुसार रेवाड़ी शहर में प्रतिदिन लगभग 40 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की खपत होती है। लगातार बढ़ती मांग और कम होती उपलब्धता के कारण जल विभाग पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से पानी का दुरुपयोग न करने और जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करने की अपील की है।
रोटेशन प्रणाली लागू होने के बाद अलग-अलग इलाकों में तय समय के अनुसार पानी की सप्लाई दी जाएगी। विभाग का कहना है कि इससे उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और सभी क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
गर्मी के मौसम में जल संकट की यह स्थिति लोगों की चिंता बढ़ा रही है। कई इलाकों में पहले से ही कम दबाव में पानी मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
