रेवाड़ी में सड़कों पर आवारा गोवंश के कारण लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पिछले 5 दिनों में गोवंश से जुड़े सड़क हादसों में दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है।
डीसी ने अधिकारियों को सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने पशुओं को जानबूझकर सड़कों पर छोड़ता है और इससे लोगों की जान खतरे में पड़ती है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
प्रशासन की ओर से गोवंश को सड़कों से हटाने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। डीसी ने इस अभियान की भी जांच कराने की बात कही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अभियान सही तरीके से चल रहा है या नहीं।
सड़कों पर बैठे या घूमते गोवंश के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात के समय सड़क पर गोवंश दिखाई नहीं देने से हादसे की आशंका और ज्यादा बढ़ जाती है।
पिछले कुछ दिनों में हुई दो मौतों के बाद प्रशासन ने संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया है। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और वहां से गोवंश को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि केवल गोवंश को पकड़कर गोशाला पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है। पशुपालकों की जिम्मेदारी भी तय करनी होगी, ताकि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें।
डीसी ने अभियान की प्रगति की समीक्षा करने और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। प्रशासन अब सड़कों पर गोवंश की समस्या को लेकर निगरानी बढ़ाएगा।
रेवाड़ी में लगातार हो रहे हादसों के बाद प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद है कि सड़क पर गोवंश छोड़ने की घटनाओं में कमी आएगी और वाहन चालकों की सुरक्षा बेहतर होगी।
