हरियाणा के रेवाड़ी में छात्र की आत्महत्या के मामले में नामजद किए गए शिक्षक पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। एक वीडियो संदेश में शिक्षक ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने छात्र से केवल पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा था और उनका किसी प्रकार से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का इरादा नहीं था।
शिक्षक ने कहा कि घटना के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने बताया कि अब उन्हें स्कूल में कक्षा लेने तक में डर महसूस होता है। उनके अनुसार, मामले के बाद वे लगातार मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार, संबंधित शिक्षक ने अपने करियर की शुरुआत चपरासी (Peon) के रूप में की थी और बाद में पदोन्नति के माध्यम से PGT (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) बने। इस बीच, छात्र की मौत के मामले की जांच अभी भी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
मामले में छात्र के परिजनों ने शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि शिक्षक ने इन आरोपों से इनकार किया है। दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला संवेदनशील है और अभी जांच के अधीन है। इसलिए घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर अपुष्ट जानकारी या अफवाहें साझा करने से बचें।
