हरियाणा के रोहतक जिले में एक बार फिर खेतों में जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। लगातार बारिश और पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई गांवों के खेत पानी में डूब गए हैं। किसानों का कहना है कि जलनिकासी के लिए लगाए गए डीजल पंप बंद पड़े हैं, जिससे खेतों में जमा पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या नई नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में खेतों में जलभराव हो जाता है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। किसानों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से धान, बाजरा और अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद हो जाएगी और आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ेगा। कई किसानों ने सरकार से तत्काल राहत और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डीजल पंपों के बंद होने से समस्या और गंभीर हो गई है। उनका मानना है कि यदि पंप समय पर चालू कर दिए जाएं और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए, तो हर साल होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संबंधित विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल किसान मौसम साफ होने और प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई, तो फसलों को बड़ा नुकसान होने की संभावना बनी हुई है।
