हरियाणा के रोहतक में भरत तिवारी हत्याकांड को लेकर नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने प्रेस वार्ता के दौरान दावा किया कि भरत तिवारी की हत्या कथित राम मंदिर घोटाले को छिपाने के लिए की गई। हालांकि, यह आरोप उनके व्यक्तिगत दावे हैं और इनकी पुष्टि जांच एजेंसियों या अदालत द्वारा नहीं की गई है।
नवीन जयहिंद ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए, ताकि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कई अहम तथ्यों को दबाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने संबंधित एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
प्रेस वार्ता के दौरान जयहिंद ने यह भी घोषणा की कि आगामी परशुराम जयंती के अवसर पर वह अपना मुंडन करवाकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि देंगे। उनका कहना था कि यह कदम न्याय की मांग और दिवंगत के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उठाया जाएगा।
उधर, इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसमें हत्या के पीछे राम मंदिर से जुड़े किसी कथित घोटाले की पुष्टि की गई हो। अधिकारियों का कहना है कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी दावे को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। हत्या के कारणों और आरोपों की पुष्टि केवल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही संभव होगी।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है।
