करनाल में हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आए श्रद्धालुओं से भरे कैंटर के हादसे में जान गंवाने वाले पूर्व सैनिक नरेश को अब वीरता पुरस्कार दिलाने की तैयारी है। करनाल पुलिस ने नरेश के नाम की सिफारिश वीरता पुरस्कार के लिए भेजने का फैसला किया है।
बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान कैंटर हाईवोल्टेज बिजली की तारों के संपर्क में आ गया था। वाहन में करंट फैलने के बाद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान पूर्व सैनिक नरेश ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को बचाने की कोशिश की।
श्रद्धालुओं की मदद करते समय नरेश खुद करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। उनके साहस और लोगों की जान बचाने के प्रयास को देखते हुए पुलिस ने उनका नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजने का निर्णय लिया है।
हादसे में करीब 70 श्रद्धालु प्रभावित हुए थे। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मामले में पुलिस ने कैंटर ड्राइवर के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कैंटर हाईवोल्टेज तारों के संपर्क में कैसे आया।
जांच में वाहन की स्थिति, सड़क की परिस्थितियों और बिजली की लाइन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा जा सकता है। पुलिस हादसे से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।
नरेश के अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई थी। अब पुलिस की ओर से वीरता पुरस्कार के लिए उनका नाम भेजे जाने की खबर सामने आने के बाद परिवार और क्षेत्र के लोगों में उनके साहस को लेकर सम्मान और बढ़ गया है।
पूर्व सैनिक नरेश ने संकट के समय दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। उनके इस साहस को पुलिस ने भी सराहा है।
कैंटर ड्राइवर के खिलाफ दर्ज केस में पुलिस जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। हादसे में लापरवाही की भूमिका सामने आने पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस नरेश के नाम की वीरता पुरस्कार के लिए सिफारिश भेजने की प्रक्रिया पूरी करने के साथ हादसे की जांच में जुटी है। नरेश का साहस और बलिदान अब क्षेत्र के लोगों के लिए मिसाल बन गया है।
