हरियाणा के रोहतक में शीलू-मुस्कान केस में दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद FIR तुरंत कैंसिल नहीं होगी। पुलिस शिकायत वापस लिए जाने के बाद भी मामले की जांच जारी रखेगी और केस की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मामले में पहले ससुराल पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और कुछ मांगों पर सहमति बनने के बाद समझौते का रास्ता निकला। अब शिकायत वापस लेने की बात कही जा रही है।
हालांकि, पुलिस के अनुसार सिर्फ शिकायत वापस लेने से FIR अपने आप खत्म नहीं होती। मामले में दर्ज धाराओं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अपनी जांच पूरी करेगी। इसके बाद केस से जुड़े दस्तावेज अदालत के सामने भी रखे जा सकते हैं।
कानूनी प्रक्रिया के तहत यह भी देखा जाएगा कि मामले में लगाई गई धाराएं ऐसी हैं या नहीं, जिन्हें आपसी समझौते के आधार पर समाप्त किया जा सकता है। जिन मामलों में अदालत की अनुमति या आदेश जरूरी होता है, उनमें अंतिम निर्णय कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार ही होगा।
रोहतक पुलिस अब शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित लोगों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस मामले में समझौते की खबर सामने आने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा था कि क्या FIR तुरंत खत्म हो जाएगी। लेकिन पुलिस की प्रक्रिया के मुताबिक समझौता होने के बावजूद केस की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।
मामला कोर्ट तक जाने की संभावना भी बताई जा रही है। अदालत उपलब्ध रिकॉर्ड और पुलिस की जांच के आधार पर आगे का फैसला करेगी।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है, लेकिन FIR का कानूनी रूप से समाप्त होना अलग प्रक्रिया है। इसलिए शिकायत वापस लेने के बावजूद पुलिस और अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।
