“लगता था एनकाउंटर हो जाएगा” — युवक का दावा
बलिया निवासी राज सिंह को शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में नाम के भ्रम के कारण गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच में निर्दोष पाए जाने के बाद अब वह अपने घर लौट आया है।
राज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गिरफ्तारी के दौरान वह बेहद डरा हुआ था। उसने कहा, “मुझे लग रहा था कि कहीं मेरा एनकाउंटर न हो जाए।”
बताया जा रहा है कि पुलिस को जिस आरोपी की तलाश थी, उसका नाम और पहचान राज सिंह से मिलती-जुलती थी। इसी भ्रम में उसे हिरासत में लिया गया।
हालांकि बाद में जांच और पूछताछ के दौरान यह साफ हो गया कि उसका मामले से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद पुलिस ने उसे क्लीनचिट दे दी।
घर लौटने के बाद राज सिंह ने पूरी घटना को अपने जीवन का सबसे भयावह अनुभव बताया। परिवार वालों ने भी निर्दोष युवक की गिरफ्तारी पर चिंता जताई।
यह मामला कोलकाता से जुड़े चर्चित PA हत्याकांड की जांच के दौरान सामने आया।
पश्चिम बंगाल पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां असली आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
इस घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और पहचान सत्यापन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पूरी पुष्टि के गिरफ्तारी से निर्दोष लोगों को मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
फिलहाल, राज सिंह अपने परिवार के साथ बलिया लौट आया है और सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश कर रहा है।
