किसान नेताओं का अल्टीमेटम, बोले- सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन होगा तेज
हरियाणा के Sirsa में गेहूं खरीद की नई पॉलिसी को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। किसान संगठनों और नेताओं ने इस नीति को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि नई पॉलिसी से किसानों को आर्थिक नुकसान होगा और उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। उनका आरोप है कि सरकार ने बिना किसानों से सलाह लिए यह फैसला लागू किया है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 11 तारीख को नेशनल हाईवे को जाम कर दिया जाएगा। इस ऐलान के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन सरकार और किसानों के बीच संवाद की कमी को दर्शाते हैं। उनका कहना है कि दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए, ताकि किसी तरह की टकराव की स्थिति न बने।
फिलहाल, प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।
