हरियाणा के सिरसा में मुआवजे की मांग को लेकर दो किसान पानी की टंकी पर चढ़ गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले हुए समझौते को तोड़ दिया और उनकी सहमति के बिना जबरन बिजली लाइनों का काम शुरू कर दिया।
किसानों का कहना है कि उनकी जमीन पर बिजली लाइनें खींची गईं, लेकिन तय मुआवजा और समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया गया। इसी के विरोध में दोनों किसान टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आगे और कड़ा फैसला लेने को मजबूर होंगे। टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें नीचे उतरने के लिए मनाने का प्रयास किया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने पहले बातचीत के दौरान जो आश्वासन दिया था, बाद में उस पर अमल नहीं किया गया। उनका कहना है कि जबरन लाइनें खींचने से उनकी जमीन प्रभावित हुई है और उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
यह मामला जमीन अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े विवादों को एक बार फिर चर्चा में ले आया है। ऐसे मामलों में प्रशासन और किसानों के बीच सहमति, दस्तावेजी प्रक्रिया और कानूनी प्रावधान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
फिलहाल प्रशासन किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। वहीं मुआवजे और समझौते से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।
