हरियाणा कांग्रेस में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज होते दिखाई दे रहे हैं। पूर्व विधानसभा स्पीकर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस कार्यसमिति यानी CWC से हटाने की मांग रखी है। इस मांग के बाद प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
विरोध करने वाले नेता ने दीपेंद्र हुड्डा के एक पुराने बयान को भी मुद्दा बनाया है। बताया जा रहा है कि सांसद ने एक सार्वजनिक संदर्भ में कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार को उदाहरण के तौर पर पेश किया था। इसी बयान को आधार बनाकर अब पार्टी नेतृत्व के सामने सवाल उठाए गए हैं।
हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग नेताओं के बीच नेतृत्व और संगठन को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। ऐसे में दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ उठी यह आवाज पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को और सामने ला सकती है। पूर्व स्पीकर की मांग के बाद अब निगाहें कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व पर हैं कि वह इस मामले को किस तरह देखता है।
दीपेंद्र हुड्डा हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। वह लगातार प्रदेश से जुड़े राजनीतिक मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। ऐसे में CWC से हटाने की मांग का राजनीतिक महत्व भी देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, जिस पुराने बयान का हवाला दिया जा रहा है, उसके संदर्भ और परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है। किसी बयान को लेकर राजनीतिक विवाद की स्थिति में संबंधित नेता का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल सामने आए आरोपों और मांगों के आधार पर ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट नहीं मानी जा सकती।
हरियाणा कांग्रेस में इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर नेतृत्व, अनुशासन और पुराने राजनीतिक बयानों को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि कांग्रेस हाईकमान इस मांग पर कोई निर्णय लेता है या मामला प्रदेश संगठन के स्तर पर ही सुलझाने की कोशिश की जाती है।
