हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में निर्माण और विकास कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत शिक्षा विभाग में एक अलग इंजीनियरिंग ब्रांच का गठन किया गया है, जो स्कूलों से जुड़े निर्माण कार्यों की निगरानी, योजना और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगी। इस संबंध में सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार, स्कूलों में निर्माण कार्यों के लिए ‘एक टेंडर–दो बजट’ प्रणाली लागू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य निर्माण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना, समय पर कार्य पूरा कराना और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों की गुणवत्ता पर भी बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।
शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार, नई इंजीनियरिंग ब्रांच निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच, लागत का आकलन, गुणवत्ता नियंत्रण और समयबद्ध निगरानी करेगी। इससे स्कूल भवनों, अतिरिक्त कक्षों, शौचालयों, प्रयोगशालाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
सरकार ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आदेश भेज दिए हैं। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नई प्रणाली के अनुसार सभी निर्माण कार्यों की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए और निर्धारित नियमों का पालन किया जाए।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में इस व्यवस्था के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन भी किया जाएगा।
