हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की संभावित हड़ताल को देखते हुए बिजली निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हड़ताल की स्थिति में बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए निगम ने पांच राज्यों से तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की है।
बिजली निगम की ओर से दूसरे राज्यों से तकनीकी कर्मचारियों की मदद मांगे जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। निगम का उद्देश्य हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति और जरूरी तकनीकी सेवाओं को सुचारु बनाए रखना है।
वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल टालने के लिए सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत भी जारी है। इस सिलसिले में दोपहर 12 बजे मंत्री अनिल विज के साथ वार्ता प्रस्तावित है। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकाला जाए और हड़ताल की स्थिति न बने।
कर्मचारी संगठन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। दूसरी ओर निगम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है।
पांच राज्यों से तकनीकी स्टाफ की मांग को इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। यदि हड़ताल होती है तो फॉल्ट ठीक करने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और अन्य तकनीकी कामों के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पड़ सकती है।
अब सबकी नजर दोपहर 12 बजे होने वाली मंत्री अनिल विज और कर्मचारी प्रतिनिधियों की वार्ता पर है। बातचीत में सहमति बनती है या कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, इसका असर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है।
फिलहाल सरकार हड़ताल टालने के लिए बातचीत का रास्ता अपना रही है, जबकि बिजली निगम ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
