हरियाणा में चीनी के बढ़े दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। चीनी की कीमत में करीब 45 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने के बाद अब बाजार में एक किलो चीनी करीब 62 से 65 रुपए में बिक रही है। कीमत बढ़ने का असर सीधे घरों की रसोई के साथ-साथ चाय और मिठाई की दुकानों पर भी दिखाई दे रहा है।
चीनी के दाम बढ़ने से चाय, मिठाई और कई खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ गई है। दुकानदारों के सामने अब बढ़ी हुई लागत को संभालने की चुनौती है। वहीं ग्राहकों को भी आने वाले दिनों में चाय और मिठाइयों के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
आम उपभोक्ताओं का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों के दाम लगातार बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। खासकर उन परिवारों पर ज्यादा असर पड़ रहा है, जहां चाय और चीनी का नियमित इस्तेमाल होता है।
मिठाई कारोबार से जुड़े दुकानदारों के लिए भी चीनी के दाम बढ़ना चिंता का विषय है। मिठाई बनाने में चीनी एक प्रमुख कच्चा माल है। ऐसे में लागत बढ़ने पर दुकानदारों को कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है।
चीनी के बढ़े दामों को लेकर हरियाणा सरकार से सवाल किए गए। इस पर मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि चीनी की कीमत बढ़ने में सरकार का कोई रोल नहीं है। उन्होंने कीमतों में वृद्धि को बाजार से जुड़ा मामला बताया।
मंत्री के बयान के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि चीनी के दाम अचानक इतनी तेजी से क्यों बढ़े। बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे सप्लाई, मांग और अन्य कारोबारी परिस्थितियों की भूमिका हो सकती है।
कीमत बढ़ने का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है। चाय की दुकानों, हलवाई की दुकानों और मिठाई कारोबार से जुड़े छोटे व्यापारियों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। यदि कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो इसका असर उपभोक्ता कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
ग्राहकों का कहना है कि उन्हें पहले से ही महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चीनी जैसी रोजमर्रा की वस्तु के दाम बढ़ने से खर्च और बढ़ जाएगा।
फिलहाल बाजार में चीनी 62 से 65 रुपए प्रति किलो तक बिकने की बात सामने आई है। कीमतों में आगे और बदलाव होता है या नहीं, यह बाजार की स्थिति और सप्लाई पर निर्भर करेगा।
चीनी के बढ़े दामों ने एक बार फिर रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। सरकार की ओर से इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार किया गया है, जबकि व्यापारी और उपभोक्ता कीमतों में राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
