हरियाणा में भाजपा के एक जिलाध्यक्ष के पैर छूने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न स्तरों पर इसकी चर्चा शुरू हो गई। इस बीच वीडियो में दिखाई दे रहे नेता ने सफाई देते हुए कहा कि वह किसी के सामने झुके नहीं थे, बल्कि विवाद खत्म करने और समझौते के उद्देश्य से मुलाकात करने गए थे।
नेता ने कहा कि वायरल वीडियो को अधूरा और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उनके अनुसार, दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद को समाप्त करने के लिए बातचीत हुई थी और उसी दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसे गलत संदर्भ में दिखाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
सफाई के दौरान नेता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पहले कुछ कथित कुकर्मों और अनियमितताओं पर पर्दा डाला था, लेकिन अब परिस्थितियां बदलने के बाद कई बातें सार्वजनिक हो रही हैं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी या साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए।
वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, मामले को लेकर संबंधित पार्टी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल यह विवाद राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो की अलग-अलग तरह से व्याख्या की जा रही है, जबकि नेता अपने बयान पर कायम हैं कि उन्होंने किसी के दबाव में झुककर नहीं, बल्कि विवाद सुलझाने के उद्देश्य से मुलाकात की थी।
