हरियाणा भाजपा को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मुकेश जनझोत्रा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को सौंपते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत कारणों और वैचारिक मतभेदों के चलते यह निर्णय ले रहे हैं।
मुकेश जनझोत्रा ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है। उनका कहना है कि जिन विचारों और उद्देश्यों को लेकर वे पार्टी से जुड़े थे, वर्तमान परिस्थितियों में वे उन पर अमल होता नहीं देख रहे हैं। इसी कारण उन्होंने संगठन में सभी जिम्मेदारियों से अलग होने का फैसला लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक पार्टी और संगठन के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया, लेकिन मौजूदा हालात में पद पर बने रहना उचित नहीं समझा। हालांकि, उन्होंने अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति या किसी अन्य दल में शामिल होने को लेकर फिलहाल कोई घोषणा नहीं की है।
दूसरी ओर, पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे पर तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
फिलहाल यह देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व इस इस्तीफे पर क्या रुख अपनाता है और मुकेश जनझोत्रा भविष्य में अपनी राजनीतिक दिशा को लेकर क्या फैसला लेते हैं। उनके इस्तीफे ने हरियाणा की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
