ओवरस्टे के खर्च की डिटेल मांगी, मेंटेनेंस और बिजली-पानी पर आपत्ति
हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda की कोठी के पीनल रेंट (दंडात्मक किराया) माफी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में राज्य सरकार के तीन मंत्रियों ने आपत्ति जताई है और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है।
मंत्रियों का कहना है कि कोठी में तय समय से अधिक रहने (ओवरस्टे) के दौरान हुए खर्च का पूरा ब्योरा सामने आना चाहिए। इसमें मेंटेनेंस, बिजली-पानी और मैनपावर पर हुए खर्च की डिटेल मांगी गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकार को कितना आर्थिक नुकसान हुआ।
सूत्रों के अनुसार, पीनल रेंट माफ करने के प्रस्ताव पर पहले सहमति बनती नजर आ रही थी, लेकिन अब उठे सवालों के बाद मामला अटक गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी संबंधित आंकड़े और दस्तावेज तैयार करें।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें सरकारी संसाधनों के उपयोग और पारदर्शिता जैसे मुद्दे जुड़े हुए हैं।
विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर सकता है और जवाबदेही की मांग कर सकता है।
फिलहाल, सरकार की ओर से अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और संबंधित विभाग इस मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
