पानीपत से अडाणी जमीन विवाद से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस ने ऐसे व्यक्ति के बयान दर्ज किए, जिसकी करीब 36 साल पहले ही मौत हो चुकी थी। इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
मामले में पानीपत पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों और पुलिस कार्रवाई में मृत व्यक्ति के बयान दर्ज होने की बात सामने आई। याचिकाकर्ता ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामला अडाणी जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। जमीन से संबंधित विवाद और पुलिस की कार्रवाई को लेकर पक्ष की ओर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित पक्ष से जवाब मांगा है। कोर्ट ने 17 सितंबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की है। उस दिन पुलिस और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से अपना पक्ष रखा जा सकता है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस व्यक्ति की कई दशक पहले मौत हो चुकी थी, उसके बयान रिकॉर्ड में कैसे दर्ज हुए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पुलिस जांच और रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
फिलहाल हाईकोर्ट के सामने मामला विचाराधीन है। कोर्ट के अंतिम निष्कर्ष और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मृत व्यक्ति के नाम से दर्ज कथित बयान कैसे और किन परिस्थितियों में सामने आए।
17 सितंबर की सुनवाई पर अब सभी की नजर है। उस दिन पुलिस की ओर से दिए जाने वाले जवाब से मामले में आगे की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।
