पानीपत की TDI सिटी कॉलोनी के प्लॉट खरीदारों को बड़ी राहत मिली है। प्लॉट देने में लंबे समय से हो रही देरी को लेकर प्राधिकरण ने प्रमोटर के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आदेश के मुताबिक, प्रमोटर को तय समय पर कब्जा न देने के कारण खरीदारों को ब्याज देना होगा और साथ ही खरीदारों से की जा रही अवैध मांगों को भी पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
मामले में बताया गया कि करीब ₹20 लाख की कीमत वाले प्लॉट पर देरी के चलते लगभग ₹3 लाख का ब्याज बन चुका है, जिससे कुल राशि ₹23 लाख तक पहुंच गई है। यह ब्याज उस अवधि के लिए जोड़ा गया है, जब प्रमोटर तय समय सीमा के बावजूद प्लॉट का कब्जा देने में विफल रहा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रमोटर द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेंटेनेंस या अन्य मदों में की जा रही अतिरिक्त वसूली नियमों के खिलाफ है और इन्हें अवैध माना गया है। खरीदारों से अब केवल वही शुल्क लिया जा सकेगा, जो एग्रीमेंट और नियमों के अनुसार तय है।
प्राधिकरण ने प्रमोटर को निर्देश दिए हैं कि वह तय समय सीमा में प्लॉट का कब्जा सौंपे, अन्यथा आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से न सिर्फ TDI सिटी के प्लॉट धारकों को राहत मिली है, बल्कि यह फैसला अन्य बिल्डरों के लिए भी एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि खरीदारों के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
