देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर) में बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने इस अवधि में ₹3,486 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। तिमाही नतीजों के मुताबिक, कंपनी का कुल रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 26% तक गिर गया। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी की लग्ज़री कार यूनिट जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर हुआ साइबर अटैक बताया जा रहा है।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, साइबर अटैक के कारण JLR के कई प्रमुख सिस्टम प्रभावित हुए, जिससे उत्पादन, सप्लाई चेन और डीलरशिप नेटवर्क पर असर पड़ा। इसके चलते वाहनों की डिलीवरी में देरी हुई और बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। खासतौर पर यूरोप और अमेरिका के बाजारों में JLR की परफॉर्मेंस कमजोर रही, जिसका सीधा असर टाटा मोटर्स के समग्र नतीजों पर दिखा।
तिमाही के दौरान पैसेंजर व्हीकल और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी मांग अपेक्षा से कम रही। बढ़ती लागत, कच्चे माल के दाम और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने कंपनी की मार्जिन पर दबाव बनाया। हालांकि, घरेलू बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में स्थिरता देखने को मिली, लेकिन यह कुल घाटे की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं रही।
टाटा मोटर्स ने कहा कि साइबर अटैक के बाद सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत किया गया है और प्रभावित सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जा चुका है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में JLR की उत्पादन क्षमता सामान्य स्तर पर लौटेगी और रेवेन्यू में सुधार देखने को मिलेगा।
निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजर अब कंपनी की अगली रणनीति पर टिकी है। प्रबंधन का कहना है कि लागत नियंत्रण, डिजिटल सुरक्षा में निवेश और नए मॉडल लॉन्च के जरिए कंपनी प्रदर्शन को पटरी पर लाने की कोशिश करेगी।
