देशभर में आज एप-आधारित टैक्सी और बाइक टैक्सी ड्राइवरों ने एकजुट होकर हड़ताल की। ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े हजारों ड्राइवरों ने घटती कमाई, बढ़ते कमीशन, मनमानी पॉलिसियों और कथित शोषण के विरोध में प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते कई बड़े शहरों में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं आंशिक रूप से ठप रहीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ड्राइवर संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में प्लेटफॉर्म कंपनियों ने प्रति राइड भुगतान घटाया है, जबकि ईंधन की कीमतें, मेंटेनेंस और EMI का बोझ बढ़ता गया है। इसके अलावा इंसेंटिव में कटौती, अकाउंट सस्पेंशन की मनमानी कार्रवाई और सामाजिक सुरक्षा के अभाव को लेकर भी गहरी नाराजगी है। प्रदर्शनकारी ड्राइवर न्यूनतम किराया तय करने, कमीशन कैप लगाने, पारदर्शी रेट-कार्ड, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता समेत कई शहरों में ड्राइवरों ने रैलियां और धरने दिए। कुछ स्थानों पर प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए। कंपनियों की ओर से दावा किया गया कि वे ड्राइवर पार्टनर्स से बातचीत के लिए तैयार हैं और सेवाएं बहाल रखने की कोशिश की जा रही है।
ड्राइवर यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं यात्रियों से वैकल्पिक परिवहन का उपयोग करने और असुविधा के लिए सहयोग की अपील की गई है।
