चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को प्रशासनिक भवन में जनता दरबार लगाकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान किसानों, श्रमिकों और शहरी उपभोक्ताओं ने मुआवजा, बिजली-पानी के बढ़ते बिल, जमीन अधिग्रहण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें प्रशासक के समक्ष रखीं।
जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने भूमि अधिग्रहण के बाद लंबित मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि कई मामलों में मुआवजा तय होने के बावजूद भुगतान में देरी हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। किसानों ने मुआवजे की दरों की पुनर्समीक्षा और जल्द भुगतान की मांग की।
इसी दौरान एक शिकायतकर्ता ने बिजली और पानी के बढ़ते बिलों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “बिजली और पानी का बिल हमारी कमाई से ज्यादा आ रहा है। सीमित आय में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।” उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत देने और बिलों की समीक्षा कराने की मांग रखी।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है। मुआवजे से जुड़े मामलों में राजस्व विभाग को शीघ्र कार्रवाई के आदेश दिए गए, जबकि बिजली और पानी के बिलों की शिकायतों पर तकनीकी जांच कर उचित राहत देने को कहा गया।
कटारिया ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जनता दरबार में आए लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा।
