प्रयागराज। महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन के बाद उनके परिवार ने शनिवार को प्रयागराज पहुंचकर संगम में अस्थि विसर्जन किया। अजित पवार की अस्थियां लेकर उनका बेटा नंगे पैर संगम तट तक गया। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी साथ मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।
परिवार शुक्रवार देर रात प्राइवेट जेट से प्रयागराज पहुंचा। एयरपोर्ट से सीधे संगम क्षेत्र के लिए रवाना हुआ, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। संगम पहुंचने पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और इसके बाद अस्थि विसर्जन किया गया। घाट पर मौजूद पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ सभी धार्मिक कर्मकांड पूरे कराए।
इस दौरान बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी मौजूद थे, लेकिन अजित पवार के बेटे और परिवार के अन्य सदस्य पत्रकारों के सवालों पर पूरी तरह चुप रहे। किसी भी तरह की राजनीतिक टिप्पणी या बयान से परहेज किया गया। परिवार ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि यह पूरी प्रक्रिया निजी और धार्मिक भावना से जुड़ी है।
अस्थि विसर्जन के बाद परिवार कुछ समय तक संगम तट पर रुका और फिर वापस लौट गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। संगम क्षेत्र में आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी कुछ समय के लिए नियंत्रित किया गया।
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, अस्थि विसर्जन के बाद अजित पवार की आत्मा की शांति के लिए अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाएंगे।
