कोटा में हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हादसे की वजह बने रेस्टोरेंट को अवैध बताया जा रहा है। आरोप है कि यह रेस्टोरेंट बिना जरूरी मंजूरी और नियमों के बनाया गया था, जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले से थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि कमजोर निर्माण वाली इमारत ढह गई और कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई।
स्थानीय लोगों और पीड़ितों के परिजनों का कहना है कि इस इमारत को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। बताया जा रहा है कि भवन की हालत जर्जर थी और अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन को चेताया गया था। इसके बावजूद न तो रेस्टोरेंट को सील किया गया और न ही निर्माण की जांच कराई गई। हादसे के दिन रेस्टोरेंट में मौजूद लोग अचानक इमारत गिरने से मलबे में दब गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही के चलते अवैध निर्माण चलता रहा। अब प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषी अधिकारियों व रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में रेस्टोरेंट अवैध पाया गया है और संबंधित फाइलों की जांच की जा रही है। वहीं, पीड़ित परिवारों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। इस हादसे ने एक बार फिर अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
