कर्नाटक में एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। राज्य के एक ग्रामीण इलाके में खेतों के बीच उड़ान भर रहा एक प्राइवेट मिनी प्लेन अचानक क्रैश हो गया। राहत की बात यह रही कि विमान के गिरने से पहले ही उसमें सवार दोनों पायलटों ने समय रहते इजेक्ट कर लिया, जिससे उनकी जान बच गई। हादसे में किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान काफी नीचे उड़ान भर रहा था, तभी उसमें से तेज आवाज आई और कुछ ही पलों में वह असंतुलित होकर खेत में जा गिरा। विमान के टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और विमानन विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। आग पर काबू पा लिया गया और इलाके को सुरक्षित किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते पायलटों को इमरजेंसी इजेक्शन का फैसला लेना पड़ा। पायलटों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह प्राइवेट मिनी प्लेन प्रशिक्षण या निजी उड़ान के उद्देश्य से उड़ान पर था। हालांकि, विमान किस कंपनी या व्यक्ति का था, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और ब्लैक बॉक्स व अन्य तकनीकी डेटा की जांच की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह माना जा रहा है कि इंजन फेल्योर के चलते यह दुर्घटना हुई, लेकिन किसी तरह की लापरवाही या तकनीकी चूक की भी जांच की जा रही है।
