पटना। बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही संभावित उम्मीदवारों को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस बार नितिन नवीन को उच्च सदन नहीं भेजा जाएगा, जबकि कई नए और पुराने चेहरों की दावेदारी मजबूत होती दिख रही है।
हरिवंश के रिपीट होने की चर्चा
सबसे ज्यादा चर्चा उपसभापति रहे Harivansh Narayan Singh को दोबारा मौका मिलने की है। उनका कार्यकाल पूरा होने के करीब है और माना जा रहा है कि एनडीए उनके अनुभव और संतुलित छवि को देखते हुए फिर से भरोसा जता सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह एनडीए की ओर से स्थिरता का संदेश माना जाएगा।
पवन सिंह का बढ़ सकता है कद
भोजपुरी स्टार से नेता बने Pawan Singh का नाम भी चर्चा में है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद उनका कद पार्टी और समर्थकों के बीच बढ़ा है। हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन समर्थक इसे उनके लिए बड़े मौके के रूप में देख रहे हैं। यदि उन्हें राज्यसभा भेजा जाता है तो यह सांस्कृतिक और युवा वोट बैंक को साधने की रणनीति मानी जाएगी।
नितिन नवीन का नाम क्यों पीछे?
सूत्रों के अनुसार पार्टी संगठन में संतुलन साधने और नए समीकरण बनाने की रणनीति के तहत नितिन नवीन का नाम फिलहाल रेस में पीछे बताया जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होना है।
कुशवाहा कैसे करेंगे खुद को सेट?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Upendra Kushwaha भी अपने लिए नई भूमिका तलाश सकते हैं। वे पहले भी अलग-अलग राजनीतिक मोर्चों पर सक्रिय रहे हैं। राज्यसभा चुनाव उनके लिए अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर बन सकता है। सवाल यह है कि वे एनडीए में अपनी जगह पक्की करेंगे या कोई नया राजनीतिक दांव चलेंगे।
