भारत में साइबर ठगी और मानव तस्करी से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने म्यांमार ट्रैफिकिंग केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने हरियाणा के एक युवक को नौकरी का झांसा देकर पहले थाईलैंड भेजा और वहां से अवैध तरीके से म्यांमार पहुंचाया। इसके बाद उसे बंधक बनाकर साइबर फ्रॉड कराने के लिए मजबूर किया गया।
जांच में सामने आया कि पीड़ित युवक को विदेश में हाई सैलरी वाली नौकरी का लालच दिया गया था। एजेंटों ने उससे मोटी रकम भी वसूली। थाईलैंड पहुंचने के बाद उसका पासपोर्ट और मोबाइल फोन छीन लिया गया और फिर उसे म्यांमार के एक कैंप में ले जाया गया, जहां कई अन्य भारतीय युवकों को भी बंधक बनाकर रखा गया था। वहां उनसे ऑनलाइन ठगी, फर्जी निवेश योजनाओं और डिजिटल फ्रॉड के जरिए लोगों से पैसे ऐंठने का काम कराया जाता था।
NIA की जांच में खुलासा हुआ कि यह एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह है, जो भारत समेत कई देशों के युवाओं को फर्जी जॉब ऑफर देकर जाल में फंसाता है। जो युवक काम करने से मना करते थे, उनके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। परिवार से संपर्क करने पर रोक थी और भागने की कोशिश करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी।
चार्जशीट में कई आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिन पर मानव तस्करी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट के तहत साइबर अपराध से जुड़े गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इस मामले ने एक बार फिर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जी नेटवर्क की पोल खोल दी है। जांच एजेंसियों ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान एजेंट या संदिग्ध जॉब ऑफर पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
