पानीपत (हरियाणा): हरियाणा के पानीपत शहर में एक आक्रामक बंदर की वजह से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। आरोप है कि बंदर पिछले करीब 15 दिनों से कॉलोनी में घूम-घूमकर पिल्लों को उठा ले जा रहा था। हाल ही में उसने दो पिल्लों को पकड़ लिया, जिनमें से एक को रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद छुड़ा लिया, जबकि दूसरा अब भी बंदर के कब्जे में बताया जा रहा है।
छतों पर लेकर भागा, लोगों में अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंदर पिल्लों को मुंह में दबाकर घरों की छतों और ऊंची दीवारों पर चढ़ जाता था। लोगों ने उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन वह इधर-उधर छलांग लगाकर निकल जाता। बच्चों और बुजुर्गों ने घरों से निकलना कम कर दिया है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि बंदर अचानक हमला भी कर सकता है।
15 दिन बाद मिला पहला पिल्ला
सूचना मिलने पर वन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कई घंटों की कोशिश के बाद टीम ने एक पिल्ले को सुरक्षित छुड़ा लिया। पिल्ला डरा हुआ था, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। स्थानीय पशु-प्रेमियों ने उसका प्राथमिक उपचार कराया।
दूसरा पिल्ला अभी भी कब्जे में
रेस्क्यू के दौरान बंदर दूसरे पिल्ले को लेकर पास की इमारतों की ओर भाग गया। टीम ने जाल और पिंजरे लगाए, लेकिन बंदर हाथ नहीं आया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बंदर को उकसाएं नहीं और बच्चों को अकेला बाहर न भेजें।
क्यों बढ़ रहे ऐसे मामले?
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी इलाकों में भोजन की कमी और कचरे के खुले ढेरों के कारण बंदरों का व्यवहार आक्रामक हो रहा है। लोगों द्वारा बंदरों को खाना खिलाने से भी वे मानव बस्तियों के ज्यादा करीब आ जाते हैं।
प्रशासन की अपील
वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि बंदर को पकड़ने के लिए विशेष टीम तैनात की गई है। साथ ही, लोगों से घरों की खिड़कियां-दरवाजे बंद रखने और छतों पर खाद्य सामग्री न रखने की सलाह दी गई है।
फिलहाल, इलाके में दहशत बरकरार है और लोग जल्द से जल्द बंदर को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
