चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के साथ शुरू हुई। सदन में सरकार ने कुल 7 विधेयकों को पेश किया, जिनमें से अधिकांश को ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई। दिनभर सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक हलचल देखने को मिली।
7 विधेयकों को मिली मंजूरी
सरकार की ओर से पेश किए गए विधेयकों में प्रशासनिक सुधार, वित्तीय प्रावधान और शहरी विकास से जुड़े संशोधन शामिल रहे। विपक्ष ने कुछ विधेयकों पर विस्तृत चर्चा की मांग की, लेकिन बहुमत के आधार पर सरकार ने उन्हें पारित करा लिया। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार जल्दबाजी में बिल पास करवा रही है।
HPSC कैंडिडेट्स से पुलिस की झड़प
विधानसभा के बाहर Haryana Public Service Commission (HPSC) के अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। कुछ अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, बाद में रिहा कर दिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से परिणाम और चयन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता चाहते हैं।
हाउसिंग बोर्ड पर गरमाई बहस
सदन के अंदर हरियाणा हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं और आवंटन प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि आवंटन में अनियमितताएं हुई हैं और पारदर्शिता की कमी है। वहीं सरकार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की गई है।
विपक्ष का वॉकआउट
कुछ मुद्दों पर संतोषजनक जवाब न मिलने का आरोप लगाते हुए विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट भी किया। हालांकि कार्यवाही निर्धारित समय तक चलती रही।
पहले ही दिन सदन में तीखी बहस, विरोध और राजनीतिक टकराव ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में बजट सत्र और भी गरमाने वाला है। सरकार जहां विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस करने की बात कर रही है, वहीं विपक्ष पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।
