हरियाणा के मशहूर सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके हालिया बयान को लेकर प्रदेश के सरपंचों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। करीब 70 सरपंचों और हांडे (ग्राम प्रतिनिधियों) ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अपमानजनक बताया है।
🔥 क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि एक कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा ने “सरपंच-हांडे” शब्द को एक कहावत के रूप में इस्तेमाल किया। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था और यह केवल एक लोक कहावत का हिस्सा था।
लेकिन यह सफाई सरपंचों को रास नहीं आई। उनका कहना है कि इस तरह सार्वजनिक मंच से बोले गए शब्द समाज के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।
🏛️ सरपंच एसोसिएशन का कड़ा रुख
जिला सरपंच एसोसिएशन ने बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मासूम शर्मा ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो उनके कार्यक्रमों का विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो आयोजन नहीं होने दिए जाएंगे।
एसोसिएशन का कहना है कि गांवों के विकास में सरपंचों की अहम भूमिका होती है और उन्हें किसी भी मंच से गलत तरीके से प्रस्तुत करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
🎶 कार्यक्रमों पर मंडराया संकट
मासूम शर्मा के आगामी कार्यक्रमों पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई जगहों पर उनके शो के विरोध की तैयारी की जा रही है। आयोजकों के सामने भी दुविधा की स्थिति बन गई है।
🗣️ मासूम शर्मा का पक्ष
मासूम शर्मा ने कहा कि वे गांव-देहात की संस्कृति से जुड़े कलाकार हैं और उनका किसी भी जनप्रतिनिधि का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने इसे गलतफहमी बताया और कहा कि उनके शब्दों को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि यह विवाद आगे कितना बढ़ता है और क्या मासूम शर्मा सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं या नहीं। फिलहाल इस मुद्दे ने हरियाणा की राजनीति और सांस्कृतिक मंचों पर हलचल मचा दी है।
