देवघर। फाल्गुन मास की उल्लासमयी बेला में झारखंड के पावन तीर्थ बाबा बैद्यनाथ धाम में हरि-हर मिलन का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण के प्रतीकात्मक संगम ने पूरे बाबा धाम को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और रंगों की छटा के बीच विधिवत रूप से होली महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा बैद्यनाथ का श्रृंगार किया गया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा मंदिर परिसर पहुंची, जहां हरि (श्रीकृष्ण) और हर (भगवान शिव) का प्रतीकात्मक मिलन कराया गया। इस पावन क्षण के साक्षी बनने के लिए हजारों भक्त उपस्थित रहे।
भक्ति और रंगों का अनोखा संगम
मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच गुलाल उड़ाया गया। पुजारियों ने विधि-विधान से बाबा पर अबीर-गुलाल अर्पित किया, जिसके साथ ही रंगों की होली का शुभारंभ माना गया। श्रद्धालुओं ने ‘हर हर महादेव’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद
महोत्सव को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आध्यात्मिक संदेश
धार्मिक मान्यता के अनुसार हरि-हर मिलन का यह उत्सव प्रेम, समरसता और एकता का प्रतीक है। यह संदेश देता है कि भगवान के विभिन्न स्वरूप भले अलग हों, लेकिन उनका मूल तत्व एक ही है।
इस दिव्य आयोजन ने बाबा धाम की आध्यात्मिक गरिमा को और भी ऊंचा कर दिया। रंग, भक्ति और आस्था के इस संगम ने श्रद्धालुओं के मन में अपार उत्साह भर दिया और होली के पावन पर्व की आधिकारिक शुरुआत कर दी।
