पानीपत: हरियाणा के पानीपत में रिहायशी इलाके के बीच संचालित हो रही एक फैक्ट्री स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गई है। गांव के लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं, बदबू और लगातार चलने वाली मशीनों की आवाज़ से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने फैक्ट्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह फैक्ट्री आबादी वाले क्षेत्र में चल रही है, जिससे प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं और रसायनों की गंध आसपास के घरों तक पहुंच रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि फैक्ट्री के कारण किसी बड़े हादसे का खतरा भी बना रहता है। उनका कहना है कि यहां ज्वलनशील सामग्री और भारी मशीनें इस्तेमाल की जाती हैं, जिससे कभी भी आग या विस्फोट जैसी घटना हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो पूरे रिहायशी इलाके को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने फैक्ट्री मालिक से इस बारे में बात की तो उसने उनकी बात सुनने के बजाय धौंस जमाने की कोशिश की। लोगों का कहना है कि मालिक ने उन्हें धमकाया और कहा कि वह कानूनी रूप से फैक्ट्री चला रहा है।
विरोध बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच कराई जाएगी। अगर फैक्ट्री नियमों का उल्लंघन करते हुए रिहायशी इलाके में चलाई जा रही है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
