चंडीगढ़: गर्लफ्रेंड की हत्या के आरोप में जेल में बंद आरोपी को बहन की शादी में शामिल होने के लिए जमानत नहीं मिल सकी। चंडीगढ़ की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कौन-सी रस्म है जो उसके बिना नहीं हो सकती।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि उसकी बहन की शादी तय है, इसलिए उसे कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत दी जाए ताकि वह परिवार के इस कार्यक्रम में शामिल हो सके। वकील ने दलील दी कि आरोपी परिवार का महत्वपूर्ण सदस्य है और शादी की रस्मों में उसकी मौजूदगी जरूरी है।
हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर गंभीर अपराध का आरोप है और केवल शादी में शामिल होने के आधार पर उसे राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि शादी की ऐसी कोई अनिवार्य रस्म नहीं है जो आरोपी की मौजूदगी के बिना पूरी न हो सके।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है और इस स्थिति में उसे जमानत देने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए उसकी जमानत याचिका खारिज की जाती है।
बताया जा रहा है कि आरोपी पर अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या करने का आरोप है और इसी मामले में वह फिलहाल जेल में बंद है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अदालत में सुनवाई जारी है।
