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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने ईरान युद्ध के मुद्दे पर भारत के रुख को सही बताया है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा शांति और संतुलन की नीति अपनाई है, जो वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में बिल्कुल उचित है।
होसबाले ने कहा कि संघ की सोच हमेशा से दुनिया में शांति और सद्भाव बनाए रखने की रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की परंपरा “वसुधैव कुटुंबकम” की रही है, जिसका मतलब है कि पूरी दुनिया एक परिवार है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी भी युद्ध या संघर्ष का समर्थन नहीं करता, बल्कि वह चाहता है कि दुनिया में शांति स्थापित हो और देशों के बीच संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकले।
अपने संबोधन में होसबाले ने यह भी कहा कि भारतीयता और हिंदुत्व को अक्सर गलत तरीके से समझा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदुत्व कोई संकीर्ण मानसिकता नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। यह ऐसी सोच है जो सहिष्णुता, समावेश और मानवता को महत्व देती है।
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा से विविधता में एकता का संदेश देती आई है। इसलिए भारत का वैश्विक मंच पर शांति और संतुलन की बात करना उसकी परंपरा और मूल्यों के अनुरूप है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के दौर में भारत की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह शांति, संवाद और सहयोग की राह दिखाए। यही भारत की असली पहचान और ताकत है।
