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हरियाणा के जींद जिले में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां करनाल की एक फर्म पर करीब 94 लाख रुपये के फ्रॉड का आरोप लगा है। इस मामले में सिरसा जिले के कई किसानों को निशाना बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार, सिरसा के किसानों ने आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस लगवाने का निर्णय लिया था। इसके लिए उन्होंने करनाल की एक निजी फर्म से संपर्क किया। सरकार की योजना के तहत किसानों को पॉलीहाउस लगाने पर सब्सिडी भी मिली, जिससे उन्हें उम्मीद थी कि उनका खर्च कम हो जाएगा और आय बढ़ेगी।
आरोप है कि फर्म ने किसानों से मोटी रकम ले ली, लेकिन या तो काम अधूरा छोड़ दिया या फिर तय गुणवत्ता के अनुसार पॉलीहाउस तैयार नहीं किए। कई मामलों में किसानों का भुगतान रोक लिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर यह निवेश किया था, लेकिन अब वे कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। किसानों ने प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं कृषि विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
यह घटना किसानों के लिए एक बड़ा सबक है कि किसी भी योजना में निवेश करने से पहले संबंधित फर्म की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें, ताकि इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सके।
