राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत NCR के 13 जिलों में पुराने ट्रक और बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जाएगा। इस फैसले का असर हरियाणा के उन जिलों पर भी पड़ेगा जो NCR क्षेत्र में शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की वजह से वायु गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल की है। योजना के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप करने और उनकी जगह कम प्रदूषण वाले नए वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि BS-VI मानकों वाले नए ट्रक और बसों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की खरीद को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता, प्रोत्साहन और सब्सिडी देने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ तकनीक को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने डीजल वाहनों की संख्या कम होने से NCR क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही ईंधन दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरण पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। परिवहन कंपनियों और वाहन मालिकों को नई व्यवस्था के अनुरूप अपने बेड़े को अपडेट करना पड़ सकता है।
हरियाणा के NCR क्षेत्र में आने वाले जिलों में इस योजना का सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा। प्रशासन और परिवहन विभाग संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।
फिलहाल सरकार की इस पहल को प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके विस्तृत दिशा-निर्देश और क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी जारी की जा सकती है।
