कैबिनेट का बड़ा फैसला, पहले ₹11,274 था न्यूनतम वेतन; CM ने किया ऐलान
हरियाणा सरकार ने कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 20% आरक्षण देने की घोषणा की है। यह निर्णय Agnipath Scheme के तहत सेवा पूरी कर चुके युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इससे अग्निवीरों को भविष्य में स्थिर रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी सेवा का सम्मान भी सुनिश्चित होगा। सरकार का मानना है कि सेना में अनुशासन और कौशल सीख चुके ये युवा प्रशासनिक कार्यों में भी बेहतर योगदान दे सकेंगे।
इसके साथ ही कैबिनेट ने न्यूनतम वेतन में भी बढ़ोतरी का फैसला किया है। अब प्रदेश में न्यूनतम वेतन ₹15,220 प्रति माह होगा, जो पहले ₹11,274 था। इस बढ़ोतरी से लाखों श्रमिकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि यह कदम श्रमिकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूनतम वेतन में वृद्धि से उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
हालांकि, विपक्ष इस फैसले पर सवाल उठा सकता है, खासकर आरक्षण नीति को लेकर। लेकिन सरकार का दावा है कि यह फैसला युवाओं और श्रमिकों के हित में है।
फिलहाल, इन दोनों फैसलों को हरियाणा में महत्वपूर्ण नीति बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में रोजगार और श्रम बाजार पर देखने को मिल सकता है।
