चंडीगढ़। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रदेश में हाल ही में आए आंधी-तूफान से प्रभावित बिजली व्यवस्था का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि तेज आंधी और तूफान के कारण राज्यभर में कुल 13,277 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त या उखड़ गए हैं। इनमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के 2,791 तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के 10,486 खंभे शामिल हैं। इनकी मरम्मत और पुनर्स्थापना का कार्य तेजी से जारी है।
उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति को जल्द सामान्य करने के लिए विभाग ने 1,552 कर्मचारियों की विशेष टीमें तैनात की हैं। इनमें UHBVN के 620 और DHBVN के 932 कर्मचारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो दिन-रात फील्ड में रहकर बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य ढांचागत सुविधाओं की मरम्मत कर रहे हैं।
233 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, आंधी-तूफान के कारण प्रदेश के 233 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। इनमें UHBVN के तहत 32 गांव और DHBVN के तहत 201 गांव शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में कुल 842 फीडर प्रभावित हुए हैं, जिनमें UHBVN के 458 और DHBVN के 384 फीडर शामिल हैं।
अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बहाल
अनिल विज ने कहा कि विभाग की तत्परता और कर्मचारियों की मेहनत से अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष क्षेत्रों में भी तेजी से काम किया जा रहा है और विभाग का लक्ष्य जल्द से जल्द सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को मरम्मत कार्यों की लगातार निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग आमजन को बेहतर एवं निर्बाध बिजली सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
बिजली लाइनों से दूर रहने की अपील
अनिल विज ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे टूटे हुए बिजली खंभों और बिजली लाइनों के आसपास जाने से बचें तथा किसी भी बिजली संबंधी समस्या की सूचना तुरंत संबंधित बिजली कार्यालय या शिकायत केंद्र को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
