हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने पारिवारिक और निजी जीवन को लेकर खुलकर बातचीत करते हुए कहा कि व्यस्त सरकारी कार्यक्रमों के कारण वह अपनी बेटी को वृंदावन नहीं ले जा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते उनका शेड्यूल काफी व्यस्त रहता है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए उन्हें सरकारी आवास पर भी लंबे समय तक नहीं रखा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की शिक्षा उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास का माहौल लगातार सरकारी गतिविधियों और बैठकों से जुड़ा रहता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। इसी कारण परिवार और बच्चों के समय को लेकर उन्हें संतुलन बनाना पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि 28 मई का उनका पूरा कार्यक्रम पहले से तय है और लगातार बैठकों, प्रशासनिक कार्यक्रमों तथा जनसंपर्क गतिविधियों में व्यस्तता बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारियां इतनी अधिक होती हैं कि कई बार परिवार को समय देना मुश्किल हो जाता है।
CM सैनी के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग इसे एक जिम्मेदार अभिभावक की सोच बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रमों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह समय मिलने पर परिवार के साथ धार्मिक स्थलों की यात्रा जरूर करेंगे, लेकिन फिलहाल सरकारी जिम्मेदारियां प्राथमिकता में हैं।
