हरियाणा के मुख्यमंत्री ने मुंबई में 20 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस की। बैठक में हरियाणा में औद्योगिक निवेश और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए सामने आई 123 कंपनियों में से 108 कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। सरकार का दावा है कि इन कंपनियों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने से औद्योगिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुंबई में हुई बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ हरियाणा में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। सरकार की ओर से उद्योगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप यानी IMT विकसित किए जाएंगे। नए IMT बनने से उद्योगों के लिए जमीन और जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।
राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कंपनी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य उद्योगपतियों और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करना और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना रहा।
मुख्यमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों से हरियाणा में निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने की अपील की। सरकार की ओर से प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए जरूरी सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, निवेश के लिए जमीन, बुनियादी ढांचे और भविष्य की परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। सरकार का प्रयास है कि राज्य में अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हों और रोजगार के अवसर बढ़ें।
123 कंपनियों में से 108 को जमीन दिए जाने का आंकड़ा सरकार की ओर से निवेश प्रक्रिया में हुई प्रगति के तौर पर पेश किया गया। अब इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने और जमीन पर काम शुरू होने पर नजर रहेगी।
10 नए IMT विकसित करने की योजना से हरियाणा के अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिल सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल मुंबई में हुई इस राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस को हरियाणा में निवेश बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार और कंपनियों के बीच बातचीत के बाद आने वाले समय में नई औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर और घोषणाएं सामने आ सकती हैं।
