गुरुग्राम के DLF इलाके में मैराथन की तैयारी कर रहे रनर्स को कथित तौर पर बाउंसरों ने रोक दिया। आरोप है कि बाउंसरों ने रनर्स से कहा कि यह प्राइवेट सड़क है और यहां दौड़ने की अनुमति नहीं है। घटना के बाद रनर्स ने सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक रास्तों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ रनर्स मैराथन की तैयारी के लिए DLF इलाके की सड़कों पर दौड़ रहे थे। इसी दौरान वहां तैनात बाउंसरों ने उन्हें रोक दिया। आरोप है कि बाउंसरों ने रनर्स को धमकाते हुए कहा कि ये प्राइवेट सड़क है और यहां दौड़ नहीं सकते।
रनर्स के अनुसार, बाउंसरों ने यह भी कहा कि वे इन सड़कों को प्रोटेक्ट करने के लिए तैनात हैं। इस दौरान रनर्स और बाउंसरों के बीच बहस होने की बात सामने आई है।
घटना का मामला सामने आने के बाद लोगों में चर्चा शुरू हो गई कि किसी सड़क को निजी बताकर आम लोगों को वहां जाने या दौड़ने से रोका जा सकता है या नहीं। रनर्स का कहना है कि अगर रास्ता सार्वजनिक उपयोग में है तो वहां लोगों को बिना उचित कारण रोकना गलत है।
मैराथन की तैयारी करने वाले रनर्स नियमित रूप से सुबह के समय सड़कों पर दौड़ लगाते हैं। ऐसे में इस तरह की रोक-टोक से उनकी तैयारी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
रनर्स ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि संबंधित सड़क की वास्तविक स्थिति क्या है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि निजी सुरक्षा कर्मियों को लोगों को रोकने या धमकाने का अधिकार किस आधार पर दिया गया है।
घटना को लेकर यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा सकती है। CCTV फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के बयान से घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल DLF इलाके में रनर्स को रोके जाने का मामला चर्चा में है। रनर्स और स्थानीय लोगों की नजर अब संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई और सड़क के सार्वजनिक या निजी होने की स्थिति स्पष्ट होने पर बनी हुई है।
