स्पेशल सेशन पर सियासी घमासान, कांग्रेस का बायकॉट; CM ने कसा तंज
विधानसभा के स्पेशल सेशन को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। Indian National Congress ने इस विशेष सत्र का बहिष्कार करते हुए सदन के बाहर समानांतर (पैरलल) सदन चलाने का फैसला किया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, इसलिए उन्होंने विरोध स्वरूप यह कदम उठाया। पार्टी के विधायकों ने सदन के बाहर बैठकर अपनी बात रखी और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
वहीं, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इस कदम पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि “जिनके टायर पंचर हो जाते हैं, वे पार्किंग में ही मिलते हैं”, इशारों-इशारों में विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़े किए।
सरकार का कहना है कि विधानसभा का सत्र जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया गया है, लेकिन विपक्ष इसमें शामिल न होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूर भाग रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आने वाले समय में और बढ़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं।
सत्र के दौरान अन्य दलों ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने कांग्रेस के बहिष्कार को गलत बताया, तो कुछ ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का तरीका बताया।
इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इसका असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
