हरियाणा के बसताड़ा टोल प्लाजा पर MLFF (Multi-Lane Free Flow) सिस्टम लागू होने के बाद टोल वसूली पूरी तरह हाईटेक हो गई है। अब वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ रही। हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और आधुनिक सेंसर वाहनों की पहचान कर सीधे डिजिटल माध्यम से टोल टैक्स काट रहे हैं, जिससे सफर पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो गया है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम को खत्म करना, यात्रा का समय बचाना और ईंधन की खपत कम करना है। वाहन अब सामान्य गति से टोल पार कर रहे हैं, जिससे यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को राहत मिल रही है।
हालांकि, इस नई तकनीक के साथ लोकल पास को लेकर विवाद भी सामने आया है। आसपास के ग्रामीणों और नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले वाहन चालकों का कहना है कि लोकल पास से जुड़े नियमों और शुल्क को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्हें पहले मिलने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा, जबकि कई वाहन चालकों ने सिस्टम में सुधार की मांग उठाई है।
टोल प्रबंधन का कहना है कि MLFF प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और यात्रियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यदि किसी वाहन चालक को टोल कटने या लोकल पास से जुड़ी कोई दिक्कत आती है, तो उसके समाधान के लिए हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण व्यवस्था उपलब्ध है।
नई तकनीक से जहां सफर अधिक आसान और तेज हुआ है, वहीं लोकल पास से जुड़े मुद्दों का समाधान करना भी जरूरी माना जा रहा है, ताकि सभी वाहन चालकों को बिना किसी परेशानी के इस व्यवस्था का लाभ मिल सके।
