राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की सीमाओं में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। प्रस्तावित योजना के तहत हरियाणा के 5 जिलों को NCR से बाहर किया जा सकता है। इस बदलाव से NCR का कुल क्षेत्रफल करीब 15 हजार वर्ग किलोमीटर तक कम हो सकता है। इस मुद्दे पर जल्द ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने वाली है, जिसमें केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले सकते हैं।
जानकारी के अनुसार NCR की वर्तमान सीमा को पुनर्गठित करने का प्रस्ताव सामने आया है। इसके तहत NCR को दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे तक सीमित रखने पर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे क्षेत्रीय विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि NCR के अत्यधिक विस्तार के कारण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कई चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में सीमित दायरे वाले NCR मॉडल पर चर्चा की जा रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो हरियाणा के कुछ जिले NCR के दायरे से बाहर हो सकते हैं, जिससे वहां की विकास नीतियों और परियोजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
इस विषय पर होने वाली बैठक में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन जिलों को NCR से बाहर किया जाएगा और नई व्यवस्था कब से लागू होगी।
फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इसकी चर्चा ने संबंधित जिलों के लोगों और उद्योग जगत के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।
