हरियाणा में PGT (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) से प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांग शिक्षकों को नियमानुसार 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के आदेशों के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में कार्यरत पात्र दिव्यांग PGT शिक्षकों का पूरा विवरण एकत्रित कर 26 जून तक मुख्यालय भेजना अनिवार्य होगा। विभाग ने कहा है कि पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पात्र शिक्षकों को उनका अधिकार मिल सके।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सूची नहीं भेजने की स्थिति में संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को जिम्मेदार माना जाएगा। विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे रिकॉर्ड का सत्यापन करने के बाद ही सूची भेजें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि दिव्यांग शिक्षकों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देकर समान अवसर की नीति को मजबूत किया जा सकेगा। इससे योग्य और अनुभवी शिक्षकों को नेतृत्वकारी पदों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। विभागीय स्तर पर यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि पदोन्नति प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो।
सूत्रों के अनुसार, जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पात्र शिक्षकों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और आरक्षण नियमों को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
फिलहाल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के बाद सभी जिला शिक्षा कार्यालयों में पात्र शिक्षकों का डाटा संकलित करने का कार्य जारी है।
