हरियाणा के पानीपत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि केवल पात्र नागरिकों के नाम ही मतदाता सूची में शामिल रहें।
महिपाल ढांडा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध और प्रमाणिक मतदाता सूची बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि SIR अभियान के माध्यम से फर्जी और अपात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने का कार्य किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे कदम आवश्यक हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा के लिए कानूनों का सख्ती से पालन होना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत को “धर्मशाला” नहीं बनने दिया जा सकता और नियमों के अनुसार ही व्यवस्था संचालित होगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शी प्रशासन और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे मतदाता सूची से संबंधित सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
हालांकि, मतदाता सूची से जुड़े किसी भी नाम को हटाने या जोड़ने की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी और चुनावी नियमों के तहत ही की जाती है। संबंधित अधिकारी दस्तावेजों और निर्धारित मानकों के आधार पर निर्णय लेते हैं।
पानीपत में दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न दल और संगठन इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल SIR अभियान और उससे जुड़े प्रशासनिक कदमों पर लोगों की नजर बनी हुई है।
