हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक नाबालिग द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मामला चर्चा में आ गया है। नाबालिग का दावा है कि उसे ऑनलाइन वीडियो कॉल के माध्यम से आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल करने का दबाव बनाया जाता था। आरोप है कि इस पूरी गतिविधि में मोबाइल ऐप और वर्चुअल करेंसी का इस्तेमाल किया जाता था।
पीड़िता के अनुसार, एक महिला उसे और अन्य युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ती थी। आरोप है कि वीडियो कॉल के दौरान अनुचित मांगें की जाती थीं और इसके बदले वर्चुअल करेंसी या अन्य लाभ मिलने की बात कही जाती थी। नाबालिग ने यह भी दावा किया कि जब उसने इस मामले को उजागर करने की बात कही, तब उसे चुप रहने के लिए बड़ी रकम की पेशकश की गई।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है। मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, ऐप गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
चूंकि मामला एक नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए जांच में बाल संरक्षण और साइबर अपराध से संबंधित कानूनी प्रावधानों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने लोगों, विशेषकर अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन संपर्क या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष घोषित करना उचित नहीं होगा।
