चंडीगढ़ प्रशासन की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इंसेंटिव योजना फिलहाल केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है। प्रस्ताव केंद्र के पास लंबित होने के कारण इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को अभी तक सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि मंजूरी मिलने के बाद योजना को लागू किया जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से विभिन्न श्रेणियों के खरीदारों को वित्तीय प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। इसमें महिलाओं के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ₹37,500 तक के इंसेंटिव का प्रस्ताव शामिल है। हालांकि, यह लाभ तभी मिलेगा जब योजना को अंतिम स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इस योजना के लागू होने से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद बढ़ेगी और शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आने के साथ-साथ स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
फिलहाल प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन है, इसलिए नागरिकों को अभी किसी प्रकार की सब्सिडी या वित्तीय सहायता नहीं मिल रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम मंजूरी मिलने के बाद पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और सब्सिडी वितरण से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना जल्द लागू होती है तो चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ सकती है। साथ ही महिलाओं को प्रस्तावित विशेष प्रोत्साहन से पर्यावरण-अनुकूल परिवहन अपनाने के लिए अतिरिक्त बढ़ावा मिलेगा। फिलहाल सभी की नजरें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं।
