हरियाणा के नारनौल में कृषि भूमि पर संचालित हो रहे 2 से 3 मंजिला PG को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कृषि उपयोग वाली जमीन पर बहुमंजिला भवन बनाकर छात्रों को रहने के लिए PG के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे नियमों के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि कृषि भूमि पर ऐसे भवनों के निर्माण और संचालन के लिए जरूरी अनुमति और नियमों का पालन किया गया है या नहीं। यदि भवन का निर्माण बिना निर्धारित स्वीकृति के हुआ है, तो संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है। बहुमंजिला भवन में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, बिजली व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त हैं या नहीं, इसकी जांच की मांग की जा रही है।
इसके अलावा छात्रों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन और पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और छात्रों की मांग है कि संबंधित विभाग PG परिसरों का निरीक्षण करें और नियमों के अनुसार सभी जरूरी सुविधाओं की जांच करें।
मामले में प्रशासन और संबंधित विभागों से यह स्पष्ट करने की मांग की जा रही है कि कृषि भूमि पर बने इन PG भवनों को किस आधार पर संचालित किया जा रहा है और क्या इनके पास सभी जरूरी अनुमतियां मौजूद हैं।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित PG संचालकों का पक्ष सामने आना बाकी है।
