हरियाणा के सोनीपत से एक भावुक कर देने वाली कांवड़ यात्रा सामने आई है। यहां एक मुंहबोले फौजी भाई अपनी निसंतान बहन के लिए डॉल वाली कांवड़ लेकर हरिद्वार से यात्रा कर रहे हैं। भाई रोज करीब 35 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं और पैरों में छाले होने के बावजूद उनकी आस्था और बहन के लिए प्यार कम नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि बहन को शादी के करीब 12 साल बाद खुशखबरी मिली है। इसी खुशी और भगवान शिव के प्रति आस्था के चलते भाई ने बहन के लिए विशेष कांवड़ तैयार करवाई। कांवड़ में डॉल को सजाकर रखा गया है, जो आने वाली खुशी का प्रतीक बताया जा रहा है।
मुंहबोले भाई का कहना है कि बहन के जीवन में लंबे इंतजार के बाद यह खुशी आई है। वह भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर कांवड़ के साथ अपनी यात्रा पूरी करना चाहते हैं। इसी भावना के साथ वह रोज करीब 35 किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं।
लंबी पैदल यात्रा के कारण उनके पैरों में छाले भी पड़ गए हैं, लेकिन उन्होंने यात्रा रोकने के बजाय सावधानी के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। रास्ते में लोगों की नजर जब इस अनोखी कांवड़ पर पड़ती है तो वे रुककर इसके बारे में जानकारी लेते हैं।
कांवड़ में डॉल देखकर लोगों की उत्सुकता बढ़ जाती है। भाई बताते हैं कि यह कांवड़ उनकी बहन के लिए भावनाओं और उम्मीद से जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि वह अपनी बहन की खुशी के लिए यह यात्रा पूरी करना चाहते हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान परिवार और रिश्तेदार भी उनके साथ संपर्क में हैं। 12 साल के लंबे इंतजार के बाद परिवार में आई खुशी ने इस धार्मिक यात्रा को और भी खास बना दिया है।
डॉल वाली कांवड़ और बहन के लिए भाई के इस समर्पण की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है।
